आज के युग में जहाँ अधिकांश सामाजिक संस्थाएँ सरकारी अनुदान और बाहरी चंदे पर निर्भर हैं, वहीं राजस्थान की “गर्भस्थ शिशु संरक्षण समिति” एक ऐसी विलक्षण मिसाल पेश कर रही है जो दिखावे और धन-संग्रह से कोसों दूर है। ब्रह्मलीन संत स्वामी रामसुखदासजी महाराज की सत्प्रेरणा से 1998 में स्थापित यह संस्था, पिछले कई दशकों से कन्या भ्रूण हत्या जैसे कलंक को मिटाने के लिए निरंतर युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। इस संस्था की सबसे बड़ी विशेषता इसका स्वावलंबन और संतों के प्रति अटूट विश्वास है। संस्था के पदाधिकारियों का मानना है कि सेवा केवल संसाधनों से नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और निस्वार्थ भावना से की जाती है। राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती गिरिजा व्यास ने भी इस संस्था के समर्पण की सराहना करते हुए इसे “धन और दिखावे से दूर, अपने उद्देश्यों के प्रति समर्पित” एक दुर्लभ संस्था बताया है। इस ब्लॉग के माध्यम से हम जानेंगे कि कैसे यह संस्था बिना किसी सरकारी मदद के, राजस्थान के 100 शहरों में अपनी शाखाओं के माध्यम से लाखों लोगों की चेतना जाग्रत कर रही है और कैसे इसने सर्वोच्च न्यायालय से लेकर संसद तक अपनी आवाज़ पहुँचाई है।
प्रभारी, फीचर विभाग पंजाब केसरी 2, प्रिंटिंग प्रेस कॉम्पलेक्स निकट बजीरपुर DTC डिपो रिंग रोड़, दिल्ली-110035
विषय: NGO के लिये प्रसंग : आपका 4 मई 2011 का अंक
महोदय,
हमारी संस्था “गर्भस्थ शिशु संरक्षण समिति राजस्थान” एक रजिस्टर्ड NGO जरूर है परन्तु अन्य NGO से बिल्कुल अलग है। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती गिरिजा व्यास ने उदयपुर में हमारी संस्था के 11वें प्रांतीय सम्मलेन के दौरान अपने भाषण में कहा था कि मैं उस संत को प्रणाम करती हूं जिन्होंने इस संस्था का दीप जलाकर शुरूआत की; मैनें अपने उद्देश्यों के प्रति समर्पित ऐसी संस्था नहीं देखी जो कि धन और दिखावे से दूर रहते हुए एक मात्र कन्या भ्रूण हत्या जैसी बुराई के विरूद्ध सतत् प्रयासरत है।
हमारी संस्था ब्रह्मलीन संत स्वामी रामसुखदासजी महाराज (गीता भवन, ऋषिकेश) की सत्प्रेरणा से 1998 से भ्रूण हत्या के विरूद्ध जन जागरण को समर्पित है इसका संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है:-
- चूंकि यह संस्था विलक्षण, त्यागी एवम् सच्चे संत की प्रेरणा से है अतः उनकी आज्ञानुसार आज तक हमनें सरकारी अनुदान नहीं लिया है और धन संग्रह भी कभी नहीं किया है। संस्था से जुड़े लोग ही परस्पर मिलजुल कर सभी व्यवस्थाएं व कार्यक्रम करते हैं।
- वैसे तो चेन्नई, दिल्ली, कलकत्ता, हरियाणा, उत्तरांचल, गुजरात में अनेकों बड़े-बड़े कार्यक्रम संस्था द्वारा जन जागरण के समय-समय पर हुए है परन्तु अकेले राजस्थान में यह संस्था विधिवत पिछले 13 वर्षों से सेवारत है।
- राजस्थान प्रांत के 100 शहरों में इसकी विधिवत शाखाएं है और हजारों कार्यकर्त्ता तन, मन, धन से प्रचारात्मक कार्य कर रहे हैं।
- आज तक हमारी संस्था के 17 प्रांतीय सम्मेलन (बीकानेर, रतनगढ़, सीकर, राजगढ़, कोलायत, डूंगरगढ़, हनुमानगढ़, गंगानगर, बालोतरा, भीलवाड़ा, सरदारशहर, झुंझुनूं, चिड़ावा, उदयपुर, डीडवाना, चुरू, कुचामन) सम्पन्न हो चुके हैं।
- प्रत्येक सम्मेलन में कॉलेज-स्कूल की हजारों छात्राओं को साथ लेकर उस शहर में जन जागरण रैली व तत्पश्चात् विशिष्ट अतिथियों व गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में सम्मेलन होता है। सम्मेलन में संस्था कार्यकर्त्ताओं को दो दिवसीय प्रशिक्षण के साथ चिन्तन कर आगामी समय हेतु कार्ययोजना का प्रारूप बनाया जाता है।
- संस्था की सभी इकाईयों द्वारा पूरे वर्ष भर स्थानीय स्तर पर सेमीनारें, रैलिया, विचार गोष्ठियां, पत्रकार वार्ताएं, फिल्म प्रदर्शन, संकल्प पत्र भरवाने जैसे कार्यक्रम चलते रहते हैं।
- पूरे राजस्थान में पिछले 13-14 वर्षों में सम्पन्न कार्यक्रमों में अनेकों संतगण, विधायक, सांसद, न्यायिक अधिकारी, जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, स्वतंत्रता सैनानी, साहित्यकार, पत्रकार, उद्योगपति व समाजसेवी उपस्थित रहकर संस्था का उत्साहवर्द्धन करते रहें हैं।
- संस्था की प्रत्येक शाखा द्वारा प्रतिवर्ष एक जन जागरण रैली, तीन होर्डिंग, सैंकड़ों के संकल्प पत्र भरवाना और 5 शिक्षण संस्थाओं में सेमिनार करवाने की बाध्यता रखी हुई है जिसका प्रांतीय सम्मेलन के समय आंकलन कर उपसमिति द्वारा श्रेष्ठ कार्य करने वाली शाखाओं को सम्मानित करने की परम्परा बनी हुई है।
- हमारी संस्था के पास अमेरिका के डाक्टर बर्नाड नाथासन द्वारा “गर्भपात” पर मूकचीख नाम की बनाई गई डाक्यूमेन्ट्री फिल्म है जिसे कि केन्द्रीय फिल्म प्रमाणीकरण बोर्ड द्वारा दिखाने की मंजूरी है और इसे हिन्दी भाषा में डब करवा लिया गया है। यह फिल्म बहुत ही ज्ञानवर्द्धक और भ्रूण हत्या पर प्रभावी प्रदर्शन है इसे संस्था के लोग मैलों में, सभाओं में, सम्मेलनों में और उच्च शिक्षण संस्थाओं में प्रोजेक्टर पर व LCD पर प्रदर्शित कर चेतना जाग्रत करते रहते हैं।
- पूरे राजस्थान में आज तक कन्या महाविद्यालयों, बी.एड. कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज आदि शिक्षण संस्थाओं में लगभग 250 सेमिनारें रखवाकर फिल्म का प्रदर्शन, भाषण, साहित्य वितरण, संकल्प पत्र भरवाये जा चुके हैं।
- संस्था का साहित्य गीता प्रेस, गोरखपुर से मंगवाया जाता है और फिर इसका निःशुल्क वितरण समय-समय पर करते हैं, गीता प्रेस हमारी संस्था को 20% से 25% तक विशेष छूट प्रदान करती है (साहित्य में ‘मुझे बचाओ मेरा क्या कसूर’, ‘मातृशक्ति का घोर अपमान’, ‘गर्भपात उचित अनुचित फैसला आपका’, ‘महापाप से बचो’) पुस्तकें प्रमुख है।
- पेम्फलेट-पोस्टर व स्टीकर, अधिकांशतः शील प्रिन्टर्स, बीकानेर से छपते रहते हैं इसकी छपाई में भी प्रेस की ओर से रियायत रहती है। बीकानेर संस्था मुख्यालय के अलावा सभी शाखाएं अपने-अपने स्तर पर छपाई व वितरण का कार्य करती रहती है।
- भ्रूण हत्या के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही करने मे अनेक IAS अधिकारी जिनमें श्री हेमन्त गेरा, डॉ. के.के. पाठक, श्री अर्जुन मेघवाल का विशेष सहयोग प्राप्त रहा है। इसी तरह भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी डॉ. के.पी. सिंह व श्री राजीव शर्मा का विशेष सहयोग रहा है।
- संस्था के मुख्यालय से प्रदेशाध्यक्ष श्री रामकिशोर तिवाड़ी (बीकानेर), उपाध्यक्ष श्री शिवनारायण अग्रवाल (भीलवाड़ा), प्रदेशमंत्री श्री टीकमचन्द भोजक (सरदारशहर), सलाहकार श्री सुशील अग्रवाल (उदयपुर), संभाग प्रभारी श्री एल.डी. पटवा (श्रीगंगानगर) निरन्तर प्रवास कर जीवंतता बनाये रखते हैं और संस्था कार्यों को गति प्रदान करते हैं।
- प्रवास के दौरान लिंग निर्धारण, गैर कानूनी गर्भपात, विधि विरूद्ध जैसे कृत्यों की जानकारी मिलने पर ऐसा करने वालों के विरूद्ध मुकदमें और प्रशासन को ज्ञापन प्रेषित कर विधिक कार्यवाही का प्रयास भी किया जाता है।
- चूंकि गर्भपात लायसेंस की आड़ में निरन्तर कन्या भ्रूण हत्याएं की जा रही है (अनुमानतः 50 लाख प्रतिवर्ष) अतः हमारी संस्था श्रीमती गिरिजा व्यास (सांसद) और श्री अर्जुन मेघवाल (सांसद) के सहयोग से संसद में MTP Act में संशोधन कराने हेतु संकल्पित है परन्तु राजनेताओं की इच्छा शक्ति के अभाव में और सरकारों की उदासीनता के कारण अभी तक यह सम्भव नहीं हो पाया है।
- हमारी संस्था सुप्रीम कोर्ट की निगरानी समिति को बराबर तथ्यात्मक प्रतिवेदन जनहित में रजिस्टर्ड डाक से भेजती रहती है जिसके कारण PNDT Act को प्रभावी बनाने हेतु सर्वोच्च न्यायालय ने 10 राज्यों की सरकारों को सलाहकार समितियां गठित करने का निर्देश दिया है।
- मेरी स्टॉप की सिस्टर कनसर्न परिवार सेवा क्लीनिक (मुख्यालय दिल्ली में) अधिकारियों से मिलीभगत कर MTP के नाम पर खुल्लेआम भ्रूण हत्या का गोरखधंधा चला रही है। राजस्थान के स्वास्थ्य विभाग के निदेशक ने हमारी संस्था के प्रयासों उपरान्त कार्यवाही करने के निर्देश भी दिये परन्तु कोई कार्रवाई नहीं हुई।
- चूंकि मीडिया एक सशक्त माध्यम है अतः हमारी संस्था के पदाधिकारी पत्रकार वार्ताओं के माध्यम से भ्रूण हत्या के दुष्परिणामों की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं। थोड़ा बहुत लाभ इससे जरूर हो रहा है परन्तु विषय की गम्भीरता व संस्था के सार्थक प्रयासों के अनुरूप मीडिया का सहयोग नहीं है। ETV समय-समय पर अवश्य कवरेज करती है।
- संस्था की 03 प्रचार रथों के माध्यम से जन चेतना जागृति हेतु भावी योजना है। नहरी क्षेत्र में एक प्रचार रथ सत्संग समिति हनुमानगढ़ के सौजन्य से शुभारम्भ किया जा चुका है और शेष 02 प्रचार रथ क्रमशः बीकानेर व भीलवाड़ा से अतिशीघ्र शुरू किये जायेंगे ताकि भ्रूण हत्या के दुष्परिणामों की जानकारी को गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाया जा सके।
- अन्त में प्रमुख बात का उल्लेख है कि संस्था के प्रदेश अध्यक्ष श्री रामकिशोर तिवाड़ी (जो कि पूर्व में भाजपा के जिलाध्यक्ष व उद्योगपति रहे हैं) ने राजनीति सहित धनार्जन के लौकिक कार्यों को पूर्णतः छोड़कर पिछले 14 वर्षों से निःस्वार्थ व समर्पण की भावना से संस्था को संभाल रहे हैं। श्री तिवारीजी के त्याग, प्रशासकीय योग्यता व संचालन की क्षमता से संस्था परिवार के लोग भ्रूण हत्या जैसे महापाप व जघन्य अपराध को रोकने को कृत संकल्पित है।
अन्त में विनम्र लेख है कि हमारी संस्था को मान-सम्मान व प्रशस्ति प्राप्त करने की तनिक भी आकांक्षा व जरूरत नहीं है। संस्था के पदाधिकारी भी संतों के निर्देशानुसार मान अभिमान से दूर रहकर सतर्कता से कार्य करते हैं, यही कारण है कि आज तक हमने कहीं भी कुछ प्राप्त करने हेतु Apply नहीं किया है। चूंकि पंजाबकेसरी मात्र समाचार पत्र ही नहीं अपितु विचार पत्र है और जन-जन की करोड़ों पाठकों की पसंद है अतः आपके 04 मई के अंक में NGO के लिये पढ़कर मन में उत्साह बना कि कम से कम भ्रूण हत्या (जीवित शिशु की हत्या) जैसे कलंक बाबत आपके समाचार पत्र के माध्यम से प्रभावी प्रस्तुति हो सके तो हमारे संस्था के उद्देश्यों की शीघ्रगामी पूर्ति हो सकेगी। इन्हीं भावों के साथ सादर सेवा में कुछ साहित्य, किताबें, पेम्फलेट, CD, समाचार पत्रों की फोटो प्रतियां आदि संलग्न कर भेज रहे हैं।
सधन्यवाद-
(अनिल वशिष्ठ) सहप्रदेश मंत्री हनुमान हत्था चौक, बीकानेर मो.: 9414264692


